Education In Hindi Essay On Swachh

Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi – स्वच्छ भारत अभियान को Clean India Mission जा India Drive के नाम से भी पुकारा जाता है। यह एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान है जो के भारत सरकार के द्वारा देश के सभी पिछड़े क्षेत्रों को साफ़ रखने के मकसद से शुरू किया गया है।

इस अभियान के तहत शौचयालों का निर्माण करना , ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता कार्यक्रमों को बढ़ावा देना , सड़कों की सफाई रखना शामिल हैं। यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी जी के द्वारा महात्मा गांधी जी की 145 जयंती पर शुरू किया था। मोदी जी के द्वारा भारत के लोगों से इस मिशन में हिस्सा लेने और दुनिया के सबसे अच्छे और स्वच्छ देश के रूप में इसे बनाने का संदेश दिया गया था।

इस अभियान को सबसे पहले नरेंद्र मोदी जी ने एक सड़क को साफ़ कर स्वंय शुरू किया था। इस अभियान के शुरू -शुरू में लगभग 30 लाख सरकारी कर्मचारी और कॉलेज के छात्रों ने हिस्सा लिया था। इस मिशन के शुरुयात में मोदी जी ने अपने अपने क्षेत्रों में 9 प्रसिद्ध व्यक्ति नियुक्त किये थे जिनमें से सचिन तेंदुलकर और बाबा रामदेव प्रमुख हैं इसके इलावा मोदी जी ने इन्टरनेट के माध्यम से भी लोगों को स्वच्छता के वीडियोस अपलोड करने की सलाह दी ताकि इस संदेश के माध्यम से लोगों को एक साथ मिलकर सफाई का काम करने के लिए प्रेरित किया जा सके।

उन्होंने ये भी निवेदन किया के हर भारती को इस अभियान को एक चौनोती के रूप में लेना चाहिए और इस अभियान को सफल बनाने में अपनी तरफ से पूरी कोशिश करें।

इस अभियान का मुख्य उदेश्य सन 2019 तक गाँवों और शहरों में खुले में होने वाले शौच से मुक्ति दिलाना है जिसके लिए 11 करोड़ 11 लाख शौचालों के लिए एक लाख 30 हज़ार करोड़ रूपये की लागत का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके इलावा हमारे आस -पास के क्षेत्र में फ़ैल रही गंदगी को दूर करना है।

स्वच्छ भारत (Swachh Bharat) अभियान का सपना हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के द्वारा देखा गया था सफाई को लेकर गांधी जी ने कहा था के स्वतंत्रता से ज्यादा स्वच्छता जरूरी है उनका मानना था के निर्मलता और स्वच्छता दोनों ही स्वस्थ और खुशहाल जीवन के लिए जरूरी हैं।

ये अभियान भारत को स्वच्छ , सुंदर और विकसित देश बनाने का उदेश्य रखता है।

इसीलिए दोस्तों अब हमारा भी कर्तव्य बनता है के गंदगी को दूर कर के अपने भारत माता की सेवा करें। इसीलिए हमें एक जुट होकर इस अभियान से जुड़ना है और इस पोस्ट को अपने मित्रों और रिश्तेदारों के साथ सांझा करें ताकि उन्हें भी इस अभियान के बारे में पता चल सके।

Swachh Bharat Abhiyan Essay 300 words in Hindi

स्वच्छ भारत मिशन भारती सरकार का एक ऐसा कार्यक्रम है जिसके तहत देश की गलियों , सड़कों और सरंचनात्मक ढाँचे के लिए देश भर के 4041 शहरों और कस्वों को इस योजना के अधीन लिया जाएगा। इस अभियान का लक्ष्य 2 अक्टूबर 2019 तक इस को पूरा कर दिखाना है। इस अभियान के लिए 62009 करोड़ रूपए का अनुमान लगाया जा रहा है।

132 करोड़ की आबादी वाले देश को ज्यादातर गंदे परिवेश का सामना करना पड़ता है जिसके कारण मलेरिया , डेंगू , डायरिया , पीलिया आदि जैसी जानलेवा बीमारियाँ होती हैं स्वच्छ भारत अभियान इस समय पर बेहद कारगर साबित होगा इससे खतरनाक बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है।

इसके इलावा इस मिशन का लक्ष्य व्यक्तिगत घरेलू शौचालय , क्लस्टर शौचालय और समुदायक शौचालय बनाकर राष्ट्र को 2019 तक खुले में शौच से मुक्त करना है। इस अभियान के अंतर्गत साफ़ -सफाई और सार्वजनिक स्वास्थ्य से सबंधित आम जनता को जागरूक करना है।

यह योजना स्वच्छता सुविधाओं के निर्माण और रखरखाव के लिए समाजिक जिम्मेदारी के एक हिस्से के तौर पर निजी क्षेत्रों को शामिल करने का बढ़ावा देता है इसके इलावा देश भर के सभी गांवों में पाइपलाइन बिछाना ताकि सभी घरों में जल पहुँचाया जा सके।

इस मिशन के तहत सार्वजनिक स्थानों पर सफाई रखना , खुले में शौच से मुक्ति , ठोस और तरल कचरे का पुन: उपयोग , लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करना और अच्छी आदतों के लिए उत्साहित करना , शहरी और ग्रामीण इलाकों में सफाई की व्यवस्था को अनुकूल बनाना।

स्वच्छ भारत अभियान एक बड़ी ही कारगर योजना साबित होगी जिसके जरिये लोग स्वच्छता के महत्व को अच्छी तरह से समझ पाएंगे जिसके साथ ही भारत एक सुंदर और स्वच्छ देश बन जाएगा , अभी ये पूरी तरह से स्वच्छ बना तो नहीं किन्तु यदि देश के नागरिक इस अभियान को एक जिम्मेदारी के रूप में लेते हैं तो इस अभियान को पूरा होने में कोई नहीं रोक सकता।

Essay on Swachh Bharat Abhiyan (Yojna) Essay 3 in 350 words

स्वच्छ भारत अभियान एक ऐसा अभियान है जिसके द्वारा देश को स्वच्छ बनाने पर जोर दिया जाएगा और हर प्रकार की गंदगी से देश को मुक्त किया जाएगा। इस अभियान की शुरुयात महात्मा गांधी की 145 वर्षगांठ पर हुई थी , ये अभियान राजनितिक तौर पर  मुक्त मिशन है , जो सिर्फ देश के कल्याण पर जोर देता है। इसके तहत ज्यादा से ज्यादा भारत की जनता को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है।

इस अभियान के शुरुआती समय में 9 लोगों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया था यह लोगों की श्रृंखला एक पेड़ की श्रृंखला के सामान है जिससे लोग इस अभियान के साथ ज्यादा से ज्यादा जुड़ेंगे।

मोदी जी का मानना है के यदि हम इस अभियान को पूरा कर दिखाते हैं तो ये हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के लिए एक बहुत बड़ी श्रद्धांजलि होगी , जिस प्रकार भारतीय लोगों ने एक जुट होकर भारत को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराया था उसी प्रकार अब भी हमें एक होने की सख्त जरूरत है और यदि इस अभियान के लिए प्रति वर्ष देश का हर नागरिक अपने कीमती समय में 100 घंटे भी सफाई के लिए निकालता है तो वो दिन दूर नहीं जब हमारा भारत स्वच्छ और खुशहाल बन जाएगा।

भारत में गंदगी बहुत अधिक होने की वजय से देश के हर नागरिक को सालाना 6000 रुपयों का नुक्सान होता है , इसकी बड़ी वजय ये है के हम कहीं भी कूड़ा फेंक देते हैं और हम अपने घरों को तो साफ़ रखना चाहते हैं किन्तु आस -पास के क्षेत्रों में हम बिना किसी जिझाक के कूड़ा फेंक देते हैं और हम हमेशा इसी बात से अनजान रहते हैं के यदि घर के साथ साथ बाहर की सफाई नहीं होगी तब तक हम बीमारियों से छुटकारा नहीं पा सकते।

स्वच्छ भारत की ये योजना न केवल भारती सरकार का एक सार्थिक प्रयास है बल्कि सभी भारती नागरिकों की एक बड़ी जिम्मेदारी भी है , इसीलिए जब देश की आम जनता भी इस अभियान में सहयोग देने लगेगी तो इस अभियान को सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।

Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi 500 Words

प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतुत्व में 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान को शुरू किया गया इस अभियान का उदेश्य 2019 तक भारत को स्वच्छ बनाने का है। इस अभियान का मुख्य कार्य गाँव और शहरों में खुले में होने वाले शौच को पूरी तरह से खत्म करना है क्योंकि खुले में शौच करने से कई प्रकार की बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है और सरकार को हर वर्ष इन्ही बिमारियों पर करोड़ों रूपए खर्च करने पड़ते हैं। ऐसी  जगह जिन घरों में शौचालय नहीं वहां शौचालयों का निर्माण कराना है , कूड़ा कर्कट को इकठ्ठा करना और लोगों को सफ़ाई रखने के लिए प्रेरित करना है।

भारत में आज भी खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग खुले में शौच जाते है, खुले में कूड़ा कर्कट को फेंक दिया जाता है जिस वजय से हमारा वातावरण प्रदूषित हो रहा है और बहुत सी बीमारियाँ फ़ैल रहीं हैं इस अभियान के तहत सरकार ज्यादातर गांवों की तरफ ज्यादा ध्यान दे रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत सफाई के मामले में 100 स्थान पर है।

फिलहाल इस अभियान की सफलता की बात करें तो यह अभियान कहीं कहीं बहुत बढिया से चल रहा है पिछले 3 वर्षों में देश के पिछड़े इलाकों के कई गाँव खुले में होने वाले शौच से बिल्कुल ही मुक्त हो गए हैं। सरकार घरों में शौचालय बनाने के लिए लोगों को सबसिटी दे रही है इस अभियान के अनुसार वर्ष 2019 तक लगभग 12 करोड़ शौचालयों का निर्माण करना है।

अगर इस अभियान की बात करें तो यह घरेलू कचरा , प्रदूषण , प्लास्टिक वेस्ट आदि से देश को मुक्त कराना है। इसीलिए इस अभियान को पूरा करने के लिए सरकार को ही नहीं बल्कि देश के हर नागरिक को इसके साथ जुड़ना होगा केवल अपने घर की सफाई करना ही काफी नहीं है इसके लिए आपको अपने घर के पास की जगह को भी साफ़ रखना होगा , इसके लिए आप कुछ आसान से टिप्स फॉलो कर , इस अभियान में अपना योगदान दे सकते हैं। जैसे के अपने आस -पास का कचरा डस्टबिन में फेंके , प्लास्टिक के लिफाफों का प्रयोग बंद कर दें समान खरीदने जाना हो तो अपने साथ बैग लेकर जाएं और अपने आस पास के लोगों को इस के लिए प्रेरित करें

दोस्तों जैसा के हम सब जानते हैं के यदि साफ़ सफाई होगी तो हमारा समाज बीमारियों से दूर होगा और यदि समाज बीमारियों से दूर होगा तभी ख़ुशहाल भारत का निर्माण होगा। इसीलिए भारत का नागरिक होने के नाते हम सब का ये कर्तव्य बनता है के हम इस अभियान से जुड़ें और अपने आस-पास की सफाई रखें और दूसरों को इसके प्रेरित करें उन्हें इसका महत्व समझाएं।

स्वच्छ भारत अभियान पर नारे ; Slogans on Swachh Bharat Mission
  1. स्वच्छ भारत स्वास्थ्य भारत
  1. स्वच्छता को अपनाना है , बिमारी को दूर भगाना है।
  1. देश में विकास आएगा जब देश का हर नागरिक स्वच्छता अपनाएगा।
  1. यदि समाज में खुशियाँ लाना है तो स्वच्छता को अपनाना है।
  1. अब सबकी बस एक ही पुकार मेरा भारत हो स्वच्छ मेरे यार।
  1. हम सबका वस् यहीं सपना स्वच्छ भारत हो अपना।
  1. स्वच्छता अपनाओ अपने घर को सुंदर बनाओ।

Essay on Swachh Bharat Abhiyan in 800 Hindi

स्वच्छ भारत मिशन बड़े पैमाने का एक सफाई अभियान है जिसका लक्ष्य 2019 तक भारत को साफ़ सुथरा और खुशहाल बनाना है। इस अभियान में देशभर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के लोगों को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को प्रेरणा का बड़ा श्रोत बनाया।

शहरी क्षेत्रों में इस अभियान का लक्ष्य

1.04 करोड़ परिवारों के लिए 2.5 लाख शौचालयों का निर्माण और 2.6 समुदायक शौचालयों का निर्माण करना है और इसमें ठोस कचरा की लागत 7365 करोड़ रूपए है , 1828 करोड़ रूपए जागरूक करने के उद्देश्य के लिए खर्चे जाएंगे। इस कार्यक्रम के तहत घरेलू शौचालयों का निर्माण करना अस्वच्छ शौचालयों को स्वच्छ शौचालयों में परिवर्तित करना , नगरपालिका ठोस कचरा का निपटारा करना , शहरी लोगों की स्वच्छता के प्रति सोच को बदलना।

गांव स्वच्छ भारत अभियान

गांवों में स्वच्छता को कायम बनाने के लिए सरकार द्वारा निर्मल भारत अभियान की शुरुयात की गयी थी किन्तु अब इसे स्वच्छ भारत अभियान का सम्पूर्ण रूप दे दिया गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रेरित किया जा सके। इसका उद्देश्य ग्रामीण लोगों को खुले में शौच से मुक्त कराना है इसके लिए सरकार द्वारा 11 करोड़ 11 लाख शौचालयों के निर्माण के लिए 1 लाख 34 हज़ार करोड़ की राशि खर्च करने की घोषणा की गयी है। इसके इलावा ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को साफ सफाई के प्रति उन्हें जागरूक करना और ठोस कूड़ा कर्कट का निपटारा करना आदि प्रमुख्य उद्देश्य हैं।

इस अभियान का सीधा सबंध साफ़ सफाई से है सफाई न होने से अनेक संक्रामक बीमारियाँ फ़ैल जाती हैं , डायरिया , मलेरिया , कालरा जैसी कई बीमारियां गंदगी से ही फैलती हैं इसीलिए साफ़ सफाई रखकर ही इन बिमारियों को दूर रखा जा सकता है।

हर घर में टॉयलेट जरूर होना चाहिए और इनकी समय सिर सफाई बेहद जरूरी है इसके इलाबा फलों और सब्जियों का सेवन करते वक्त इन्हें अच्छी तरह से धोकर ही खाना जा पकाना चाहिए। खाने की चीज़ों को ढक कर रखें। ऐसी जगह यहां गंदगी फैलती रहती है वहां बिमारियों के फैलने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।

नरेंद्र मोदी जी के इस अभियान का उद्देश्य एक बड़ा कदम हो सकता है स्वच्छता किसी पर थोपा जाने वाला कार्य नहीं है जो किसी पर दबाव डालकर कराया जाए अच्छी सेहत के लिए हर प्रकार की स्वच्छता जरूरी है इसीलिए स्वच्छता के पूर्व हर एक को इसके महत्व के बारे में पता होना चाहिए।

स्वच्छ भारत अभियान के आंकड़े – 

  • इस योजना की लागत – 196009 करोड़ रूपए।
  • 62009 करोड़ रूपए की राशि शहरी इलाकों के लिए तय की गयी है
  • 2015 तक 2 करोड़ शौचालयों का लक्ष्य
  • 5 वर्षों में 11.11 करोड़ शौचालयों को बनाने में एक लाख चौतींस हजार करोड़ रूपए का खर्च आएगा
  • 2019 तक 1.04 करोड़ परिवारों के लिए टॉयलेटो का लक्ष्य
  • 2019 तक 4041 शहरों में ठोस कचरा के निपटारे के लिए

प्रधानमंत्री ने देश के नागरिकों को स्वच्छता से स्वास्थ्य की एहमियत को समझाते हुए हर देशवासी से इसे अपनाने की अपील की थी उनके इस कदम से स्वच्छता जैसा उपेक्षित विषय अचानक राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया था। इससे देश का हर नागरिक हाथ में झाड़ू लेकर सफाई अभियान से जुड़ गया।

इस अभियान से जुड़ने के बाद लोग अपने घर , मोहल्ले , कस्बे और शहर की सफाई करने में जुट गए हैं , इस अभियान ने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया है और इस अभियान की पहली रिपोर्ट में देश का सबसे साफ़ सुथरा शहर कर्नाटक के मैसूर शहर को मिला है। दरअसल इस अभियान का मकसद शहर की गलियों , सडकों को साफ़ रखना था जिसमें मैसूर सफाई के मामले में सबसे आगे रहा। इस अभियान के दो वर्षों तक मैसूर को दूसरी बार साफ़ सुथरा शहर होने का दर्जा हासिल हुआ।

विद्यालय स्वच्छ भारत अभियान

सरकार द्वारा 25 दिसम्बर 2014 को स्वच्छ भारत कोष आरंभ किया  गया इस से प्राप्त धन को विद्दायलों में शौचालयों के निर्माण के लिए लगाया जाएगा जिस से पूरे देश में साफ़ सफाई के स्तर को सुधारने में काफी सहायता मिलेगी।

  • स्कूल में पौधों की संभाल करना।
  • कक्षा , प्रयोगशाला और पुस्तकालयों की सफाई रखना।
  • खेल के मैदान की सफाई करना।
  • टॉयलेट और पीने लायक पानी का प्रबंध करना।

यदि साफ़ सफाई की बात करें तो इसकी शुरुयात हमें खुद से करनी होगी दूसरों के सहारे रहना के यह कार्य तो दूसरा करेगा तभी में करूंगा यह गलत मानसिकता है। यह हमें ध्यान में रखना होगा के दुसरे आपके कहने पर नहीं चलेंगे क्योंकि हर व्यक्ति के सोचने का अपना अपना नजरिया होता है। आप किसी को कोई काम करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हां उसे प्रेरित जरूर कर सकते हैं , साफ़ सफाई किसे अच्छी नहीं लगती हर कोई चाहता है के उसका घर भी साफ सुथरा लगे इसीलिए हमें सबसे प्रथम खुद से ही शुरुयात करनी होगी।

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Swachh Bharat Abhiyan Essays in 250 words

स्वच्छता से समाज को बिमारियों से दूर रखा जा सकता है यह तभी हो सकता है जब हर कोई स्वच्छता को अपनाए इसीलिए मोदी जी के द्वारा भारत में स्वच्छ भारत अभियान चलाया गया जिससे भारत में फैली हर प्रकार की गंदगी को दूर किया जा सके और गांधी जी के सपने को साकार किया जा सके। इस अभियान के तहत देशभर के लोगों को सफाई के प्रति हर तरीके से जागरूक किया जा रहा है ता जो देश का हर नागरिक इस अभियान से जुड़ सके और वह अपने घर के इलावा भी बाहर की साफ़ सफाई की तरफ ध्यान देने लगे।

इस अभियान पर करोड़ों की राशि खर्च की जाएगी जो भारत सरकार द्वारा दी जाएगी इसके तहत सरकार देशभर के जिन जिन क्षेत्रों में शौचालय नहीं बने हुए हैं लोग खुले में ही शौच जाने के लिए मजबूर हैं वहां शौचालयों का निर्माण किया जाएगा और शहरों में ठोस कचरे के निपटारे के लिए राशि दी जाएगी ,आदि जैसे उदेश्यों की पूर्ती के लिए इस अभियान की शुरुयात की गयी है।

इस अभियान के कारण देश भर के बहुत सारे क्षेत्रों में साफ़ सफाई के प्रति जागरूकता फैली है , लोग साफ सफाई की तरफ ध्यान देने लगे हैं किन्तु देश में ज्यादातर अभी भी ऐसे गाँव जा शहर हैं जिन पर इस अभियान का कोई असर नहीं हुआ जिस कारण ऐसे क्षेत्रों में इस अभियान की बहुत सख्त जरूरत है ता जो लोग इस अभियान से जुड़ सकें और स्वच्छता को अपना सकें।

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एक स्वच्छ वातावरण एक शांतिपूर्ण और स्वस्थ जीवन जीने के लिए बहुत आवश्यक है। लेकिन मनुष्य के लापरवाही से हमारा पर्यावरण दिन ब दिन गन्दा होता जा रहा है। यह एक मुद्दा है जिसके बारे में हर किसी को पता होना चाहिए खासकर के बच्चो को। हम कुछ निम्नलिखित निबंध प्रदान कर रहे है जो की पर्यावरण पर लिखा है जो आपके बच्चो व छात्रों को स्कूल प्रोजेक्ट और निबंध प्रतियोगिता में भाग लेने में मदद करेंगी|

पर्यावरण पर निबंध (एनवायरनमेंट एस्से)

You can get below some essays on Environment in Hindi language for students in 100, 150, 250, 300, 400 and 500 words.

पर्यावरण निबंध 1 (100 शब्द)

वातावरण एक प्राकृतिक परिवेश है जो पृथ्वी नामक इस ग्रह पर जीवन को विकसित, पोषित और नष्ट होने में मदद करता है। प्राकृतिक वातावरण पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व में एक बड़ी भूमिका निभाता है और यह मनुष्यों, पशुओं और अन्य जीवित चीजो को बढ़ने और स्वाभाविक रूप से विकसित होने में मदद करता है। लेकिन मनुष्य के कुछ बुरे और स्वार्थी गतिविधियों के कारण हमारा पर्यावरण प्रभावित हो रहा है। यह एक महत्वपूर्ण विषय है और हर किसी को हमारे पर्यावरण को कैसे बचाया जाये और इसे सुरक्षित रखने के बारे में जानना चाहिए ताकि इस ग्रह पर जीवन के अस्तित्व को जारी रखने के लिए प्रकृति का संतुलन सुनिश्चित हो सके|

पर्यावरण निबंध 2 (150 शब्द)

जैसा की हम सब लोग पर्यावरण से भली भाति परिचित है, पर्यावरण वह है जो प्रकिृतिक रूप से हमारे चारो तरफ है और पृथ्वी पर हमारे दैनिक जीवन को प्रभावित करता है। जो हवा हम हर पल सांस लेते है, पानी जो हम अपनी दिनचर्या में इस्तेमाल करते है, पौधें, जानवर और अन्य जीवित चीजे यह सब पर्यावरण के तहत आता है। जब प्राकृतिक चक्र किसी भी गड़बड़ी के बिना साथ साथ चलता रहे तब एक पर्यावरण स्वस्थ वातावरण कहा जाता है| प्रकृति के संतुलन में किसी भी प्रकार का बाधा वातावरण को पूरी तरह प्रभावित करता है जो की मानव जीवन का नाश कर देता है|

इंसान की उन्नत जीवन स्तर के युग में, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, वनों की कटाई, जल प्रदूषण, मिट्टी प्रदूषण, अम्ल वर्षा और तकनीकी प्रगति के माध्यम से मनुष्यो द्वारा किये गए अन्य खतरनाक आपदाओं के रूप में हमारा प्रदुषण काफी हद तक प्रभावित हो रहा है| हम सभी को हमारे प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा के लिए और इसे सामान्य रूप से सुरक्षित रखने के लिए एक साथ शपथ लेनी चाहिए।

पर्यावरण निबंध 3 (250 शब्द)

पर्यावरण का मतलब है सभी प्राकृतिक परिवेश जैसे की भूमि, वायु, जल, पौधें, पशु, ठोस सामग्री, कचरा, धूप, जंगल और अन्य वस्तु। स्वस्थ वातावरण प्रकृति के संतुलन को बनाए रखता है और साथ ही साथ पृथ्वी पर सभी जीवित चीजों को बढ़ने, पोषित और विकसित करने में मदद करता है। हालांकि अब कुछ तकनीकी उन्नति परिणाम स्वरुप मानव निर्मित चीजे वातावरण को कई प्रकार से विकृत कर रहीं हैं जोकि अंततः प्रकृति के संतुलन को बिगाड़ रही है। हम अपने जीवन को साथ ही साथ इस ग्रह पर भविष्य में जीवन के अस्तित्व को खतरे में डाल रहे हैं|

यदि हम प्रकृति के अनुशासन के खिलाफ गलत तरीके से कुछ भी करते हैं तो ये पूरे वातावरण के माहौल जैसे की वायु-मंडल, जलमंडल और स्थलमंडल को अस्तव्यस्त करती है। प्राकृतिक वातावरण के अलावा, मानव निर्मित वातावरण भी मौजूद है जो की प्रौद्योगिकी, काम के माहौल, सौंदर्यशास्त्र, परिवहन, आवास, सुविधाएं और शहरीकरण के साथ सम्बंधित है| मानव निर्मित वातावरण काफी हद तक प्राकृतिक वातावरण को प्रभावित करता है जिसे हम सभी एकजुट होकर बचा सकते हैं|

प्राकृतिक वातावरण के घटक संसाधन के रूप में उपयोग किया जाता है हालाँकि कुछ बुनियादी भौतिक जरूरतों और जीवन के उद्देश्य को पूरा करने के लिए इंसान द्वारा इसका शोषण किया जाता है| हमें हमारे प्राकृतिक संसाधनों को चुनौती नहीं देनी चाहिए और पर्यावरण में इतना प्रदूषण या अपशिष्ट डालने में रोक लगानी चाहिए। हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों को महत्व देना चाहिए और प्राकृतिक अनुशासन के तहत उन्हें इस्तेमाल करना चाहिए।


 

पर्यावरण निबंध 4 (300 शब्द)

हमें कई प्रकार से मदद करने के लिए वातावरण में हमारे आस पास की सभी प्राकृतिक संसाधन शामिल है| यह हमें आगे बढ़ने और विकास करने के लिए बेहतर माध्यम प्रदान करता है। यह हमें इस ग्रह पर जीवन जीने के लिए सभी चीजे देता है। हालांकि, हमारे वातावरण को भी ये जैसा है वैसे ही बनाये रखने के लिए हम सब की मदद की जरुरत होती है, ताकि ये हमारे जीवन को पोषण दे सके और हमारे जीवन को बर्बाद न करे। मानव निर्मित प्रौद्योगिकीय आपदा की वजह से हमारे पर्यावरण के तत्वों में दिन ब दिन गिरावट आ रही है।

सिर्फ पृथ्वी ही एक ऐसी जगह जहा पर ही पुरे ब्रह्मांड में जीवन संभव है, और पृथ्वी पर जीवन जारी रखने के लिए हमें हमारे पर्यावरण की मौलिकता को बनाए रखने की जरूरत है| विश्व पर्यावरण दिवस एक अभियान है जो कई वर्षो से हर साल 5 जून को पूरे विश्व में पर्यावरण सुरक्षा और सफाई के लिए जनता में जागरूकता का प्रसार करने के लिए मनाया जाता है। हम अपने पर्यावरण को बचाने के तरीके और सभी बुरी आदतें जो की हमारे पर्यावरण को दिन ब दिन नुकसान पंहुचा रहा है के बारे में जानने के लिए हमें इस अभियान में भाग लेना चाहिए|

हम पृथ्वी के हर व्यक्ति के द्वारा उठाए गए छोटे कदम से बहुत ही आसान तरीके से हमारे पर्यावरण को बचा सकते हैं जैसे की; कचरे की मात्रा कम करना, कचरे को ठीक से उसकी जगह पर फेकना, पोली बैग का इस्तेमाल बंद करना, पुराने वस्तुओं को नए तरीके से पुन: उपयोग में लाना, टूटी हुई चीजों का मरम्मत करना और पुन: उपयोग में लाना, रिचार्जेबल बैटरी या अक्षय एल्कलाइन बैटरी का उपयोग करना, फ्लोरोसेंट प्रकाश का प्रयोग करना चाहिए, वर्षा जल संरक्षण करना, पानी की बर्बादी को कम करना, ऊर्जा संरक्षण करना, और बिजली का कम से कम उपयोग इत्यादि|

पर्यावरण निबंध 5 (400 शब्द)

पर्यावरण पृथ्वी पर जीवन के पोषण के लिए प्रकृति द्वारा भेंट दी गयी है। वह हर चीज जो हम अपने जीवन जीने के लिए इस्तेमाल करते है वो पर्यावरण के अंतर्गत आता है जैसे की पानी, हवा, सूरज की रोशनी, भूमि, पौंधें, जानवर, जंगल और अन्य प्राकृतिक चीजें। हमारा पर्यावरण पृथ्वी पर स्वस्थ जीवन का अस्तित्व बनाये रखने में एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, आधुनिक युग में हमारा पर्यावरण मानव निर्मित तकनीकी उन्नति के कारण दिन ब दिन बद्तर होती जा रही है। इस प्रकार, पर्यावरण प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या बन गयी है जिसका हम आज सामना कर रहे हैं।

पर्यावरण प्रदूषण हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे की सामाजिक, शारीरिक, आर्थिक, भावनात्मक और बौद्धिक को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है। पर्यावरण का दूषितकरण कई रोगों को लाता है जिससे इंसान पूरी जिंदगी पीड़ित हो सकता है। यह किसी समुदाय या शहर की समस्या नहीं है, बल्कि ये पुरे दुनिया की समस्या है जो की किसी एक के प्रयास से खत्म नहीं हो सकता। अगर इसका ठीक से निवारण नहीं हुआ तो ये एक दिन जीवन का अस्तित्व खत्म कर सकता है। हर आम नागरिक को सरकार द्वारा शुरू की गयी पर्यावरण सुरक्षा कार्यक्रम में भाग लेना चाहिए।

हमें हमारे पर्यावरण को स्वस्थ्य और प्रदुषण से दूर रखने के लिए अपने स्वार्थ और गलतियों को सुधारना होगा। यह विश्वास करना मुश्किल है, लेकिन सच है की हर किसी द्वारा केवल एक छोटे से सकारात्मक आंदोलनों की वजह से बिगड़ते पर्यावरण में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। वायु और जल प्रदूषण विभिन्न बीमारियों और विकारों द्वारा हमारे स्वास्थ्य को खतरे में डाल रहे हैं। आज कल हम किसी भी चीज को सेहतमंद नहीं कह सकते क्योकि जो हम खाते है वो पहले से ही कृत्रिम उर्वरकों के दुष्प्रभाव से प्रभावित हो चूका है और हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की छमता को कमजोर कर दिया है| यही कारण है कि हम में से कोई भी स्वस्थ और खुश रहने के बावजूद कभी भी रोगग्रस्त हो सकता है।

अतः यह दुनिया भर के लिए गंभीर मुद्दा है जो हर किसी के निरंतर प्रयासों से हल होना चाहिए। हमें विश्व पर्यावरण दिवस में भाग लेना चाहिए ताकि हम सक्रिय रूप से पर्यावरण सुरक्षा कार्यो में भाग ले सके|


 

पर्यावरण निबंध 6 (500 शब्द)

वो सभी प्राकृतिक चीजें जो पृथ्वी पर जीवन संभव बनाती है पर्यावरण के अंतरगर्त आती है जैसे की जल, वायु, सूर्य के प्रकाश, भूमि, अग्नि, वन, पशु, पौंधें, इत्यादि| ऐसा माना जाता है की केवल पृथ्वी ही पुरे ब्रह्माण्ड में एक मात्र ऐसा गृह है जहा जीवन के अस्तित्व के लिए आवश्यक पर्यावरण है| पर्यावरण के बिना यहाँ हम जीवन का अनुमान नहीं लगा सकते इसीलिए हमें भविष्य में जीवन की संभावना सुनिश्चित करने के लिए अपने पर्यावरण को स्वस्थ्य और सुरछित रखना चाहिए| यह पृथ्वी पर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है| हर किसी को आगे आना चाहिए और पर्यावरण की सुरक्षा के अभियान में शामिल होना चाहिए।

प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए पर्यावरण और जीवित चीजो के बीच नियमित रूप से विभिन्न चक्र घटित होते रहते है। हालांकि, अगर किसी भी कारण से ये चक्र बिगड़ जाते हैं तो प्रकृति का भी संतुलन बिगड़ जाता है जो की अंततः मानव जीवन को प्रभावित करता है। हमारा पर्यावरण हजारो वर्षो से हमें और अन्य प्रकार के जीवो को धरती पर बढ़ने, विकसित होने और पनपने में मदद कर रहा है। मनुष्य पृथ्वी पर प्रकृति द्वारा बनाई गई सबसे बुद्धिमान प्राणी के रूप में माना जाता है इसीलिए उनमे ब्रह्मांड के बारे में पता करने की उत्सुकता बहोत ज्यादा है जोकि उन्हें तकनीकी उन्नति की दिशा में ले जाता है।

हर व्यक्ति के जीवन में इस प्रकार की तकनीकी उन्नति दिन-ब-दिन पृथ्वी पर जीवन के संभावनाओं को खतरे में डाल रहा है क्योकि हमारा पर्यावरण धीरे-धीरे नष्ट हो रहा है| ऐसा लगता है की ये एक दिन जीवन के लिए बहोत हानिकारक हो जाएगी क्योकि प्राकृतिक हवा, मिट्टी और पानी प्रदूषित होते जा रहे हैं| हालाँकि यह इंसान, पशु, पौधे और अन्य जीवित चीजों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। हानिकारक रसायनों के उपयोग द्वारा कृत्रिम रूप से तैयार उर्वरक जो की मिट्टी को खराब कर रहे हैं परोक्ष रूप से हमारे दैनिक खाना खाने के माध्यम से हमारे शरीर में एकत्र हो रहे हैं। औद्योगिक कंपनियों से उत्पन्न हानिकारक धुँआ दैनिक आधार पर प्राकृतिक हवा को प्रदूषित कर रहे हैं जो की काफी हद तक हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं क्योकि इसे हम हर पल साँस लेते हैं|

इस व्यस्त, भीड़ और उन्नत जीवन में हमे दैनिक आधार पर छोटी छोटी बुरी आदतों का ख्याल रखना चाहिए। यह सत्य है की हर किसी के छोटे से छोटे प्रयास से हम हमारे बिगड़ते पर्यावरण की दिशा में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। हम हमारे स्वार्थ के लिए और हमारे विनाशकारी इच्छाओं को पूरा करने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का गलत उपयोग नहीं करना चाहिए। हम हमारे जीवन को बेहतर बनाने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास करना चाहिए लेकिन हमेशा यह सुनिश्चित रहे की भविष्य में हमारे पर्यावरण को इससे कोई नुकसान न हो। हमें सुनिश्चित होना चाहिए की नई तकनीक हमारे पारिस्थितिकी संतुलन को कभी गड़बड़ न करे|

 

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